Tuesday, 10 January 2012

सफलता की पूँजी

सफलता की पूँजी अपने उद्दय्श्यो व सोची - समझी रणनीति के सम्पूर्ण होने पर निर्भर करती हैं , प्रशन ये नहीं हैं की सफलता की पूँजी किसके पास हैं अपितु हर वह व्यक्ति  इस पूँजी को पा सकता हैं , जिसके पास एकाग्रता , विश्वाश  और द्रड्संकल्प विधमान हैं . समय हमें बोध कराता हैं की क्या येह सभी विशेषताए हम मैं निवास करती हैं या नही, व्यक्ति बड़ा हो या छोटा वह बुद्धिमान या कुशल हैं या नही यह सभी बातें इस बात पर निर्भर करती हैं की वह समय आने पर अपने समक्ष विधमान विकल्पों में से किस विकल्प का चयन करता हैं जिसके पीछे उसकी सफलता की कुंजी छिपी हैं , नियति एक बार हर व्यक्ति को अवसर देती हैं की वह सही विकल्प का चयन कर सफलता के दुआर तक पहुच सके लेकिन दुर्भाग्यवश हम उस समय का सदुपयोग नहीं कर पाते और भाग्य को दोष देते हुए निरंतर आगे  बड़ते चले जाते हैं, परन्तु आज सफलता की पूँजी पाने वाले व्यक्तियों का मानना हैं की यदि जो व्यक्ति अपने अतीत को याद नहीं रखते वे वर्तमान मैं भी वही चीजे पुन: दोहराते हैं. कुछ लोग तोह यह तक  मानते हैं की नयी -नयी चीजो के विकास में ही सफलता की कुंजी विद्यमान हैं परन्तु यह जरुरी नहीं हैं क्योकि अर्थ:शास्त्री मानते हैं की यदि हम यह विचार करे की हम इन्ही चीजो को और किस नए तरीके से पूर्ण रूप दे सकते हैं या कम समय लेकर नयी तकनीकी विकास की खोज कर सकते हैं . यह ज्यादा जरुरी हैं . वे लोग इतिहास के पन्नो में अपने नाम को दर्ज करा पाते हैं. 



अमित आदवंशी

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